a मिडिया स्टडी सेन्टर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली
Received: 16-03-2024, Revised: 14-07-2024, Accepted: 19-07-2024, Available online: 30-11-2014
२7 सितम्बर 1925 ई० को विजयदशमी के दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना की गई थी । अगले वर्ष इसके स्थापना का 100 वर्ष होने वाला है । यह आजकल विश्व का सबसे बड़ा संगठन है । इसके लगभग एक करोड़ से अधिक सदस्य है, इसके करीब 80 अनुषांगिक संगठन है, तथा करीब 56569 शाखाएँ प्रतिदिन लगती है । संघ के सदस्यों का पंजीकरण नहीं होता बल्कि शाखा में उपस्थिति के आधार पर इसके सदस्यों की गणना की जाती है। आजकल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विश्व के 40 देशों में सक्रिय है । स्थापना काल से वर्त्तमान समय तक तीन बार इसे प्रतिबंधित किया गया 1948 में 1975 से 1977 तक तथा 1992 ई० में, परंतु धीरे-धीरे संघ ने अपनी पहचान अनुशासित एवं राष्ट्रवादी संगठन की बनाई है । संघ ने स्वतंत्रता के बाद कई अवसरों पर राष्ट्र निर्माण एवं उसके विकास में लगाई है ।
Keywords: प्रतिबंधित, वैश्विक परिवेश, अनुषांगिक संगठन, एवं अवधारणा
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देव, ब्रजेश कुमार (2024). राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ : राष्ट्र निर्माण . International Journal of Basic & Applied Science Research (IJBASR), 11 (3), 48-51