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2349-1965 ISSN Number
International Journal of Basic & Applied Science Research (IJBASR)
A Peer-reviewed, Multidisciplinary Journal
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दरभंगा जिले में कृषि परिवर्तन की गतिशीलता : एक क्षेत्रीय अध्ययन

a स्नातकोत्तर भूगोल विभाग एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा

Received: 05-05-2025,  Revised: 13-06-0025,  Accepted: 19-07-2025,  Available online: 30-09-2025


Abstract

दरभंगा ज़िले में खेती-बाड़ी के तौर-तरीकों में प्राकृतिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों का मिला-जुला असर साफ़ दिखाई देता है। दरभंगा ज़िलाजो मिथिला क्षेत्र का एक अहम हिस्सा हैएक खास कृषि क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है। इसकी पहचान यहाँ की बेहद उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, मॉनसून की भरपूर बारिश और पानी के समृद्ध संसाधनों से होती है। समय के साथ, यहाँ खेती के पारंपरिक तरीकों से हटकर आधुनिक, तकनीक-आधारित खेती की ओर एक ज़बरदस्त बदलाव देखने को मिला है। ज़्यादा पैदावार देने वाले बीजों, रासायनिक खादों, सिंचाई के आधुनिक औज़ारों और खेती में मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल से उत्पादन क्षमता में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद, बाढ़, जल-जमाव और जलवायु परिवर्तन जैसी पर्यावरणीय चुनौतियाँ कृषि विकास में रुकावटें बनी हुई हैं। इन चुनौतियों के बाद भी, जलीय कृषि (aquaculture), *मखाना* (fox nut) उत्पादन और फ़सलों में विविधता लाने जैसे नए रुझान कृषि विकास के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसलिए, इस क्षेत्र में लंबे समय तक कृषि विकास सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल खेती के तरीकों को अपनाना बेहद ज़रूरी है।

Keywords: मिथिला क्षेत्र, जलोढ़ मिट्टी, मानसूनी वर्षा, बाढ़, जलभराव, फसल-पद्धति, कृषि विविधीकरण, पारंपरिक खेती, पारंपरिक विरासत, आधुनिक तकनीक, सिंचाई, आहर, आर्द्रभूमियाँ

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How to Cite

, डॉ. विनय नाथ झा, , राम सेवक भारती (2025). दरभंगा जिले में कृषि परिवर्तन की गतिशीलता : एक क्षेत्रीय अध्ययन. International Journal of Basic & Applied Science Research (IJBASR), 12 (3), 21-33